
सी0 एस0 आई0 आर0 के स्थापना दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित वैज्ञानिक संस्थान सी0 डी0 आर0 आई0, एन0 बी0 आर0 आई0, सीमैप तथा आई0 आई0 टी0 आर0 ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए.
सीमैप( केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान ) लखनऊ ने आज अपने प्रांगण में सी0 एस0 आर0 आई0 स्थापना दिवस समारोह मनाया.
इस अवसर पर प्रोफेसर देवाशीष बनर्जी, (निदेशक, बाबा आमटे सेंटर फार पीपुल्स एम्पावरमेंट, बागली देवास, मध्य-प्रदेश) मुख्य अतिथि थे तथा समारोह की अध्यक्षता प्रो0 सी0 पी0 शर्मा (पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन-विज्ञान संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय) ने की. अपने स्वागत भाषण में डा0 यू0 सी0 लवानिया, ( वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीमैप) ने संस्थान की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला.
मुख्य अतिथि डा० देवाशीष बनर्जी, बाबा आम्टे सेन्टर फार पीपुल्स इम्पावरमेंट ने सी० एस० आई० आर० स्थापना दिवस व्याख्यान देते हुए बताया कि समाज प्रगति सहयोग के लगभग दो दशक के अनुभव के आधार पर यह कहा जा सकता है कि वॉटरशेड विकास खाद्य सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन का भरोसेमंद तरीका है। इसका प्रमाण समाज प्रगति सहयोग व उसकी 122 सहयोगी संस्थाओं का भारत के सबसे पिछडे 72 जिलों में किया गया कार्य है। इस समन्वित, परिस्थिति-अनुकूल प्रक्रिया में मिट्टी तथा जल संरक्षण के कार्यों को दीर्घकालीन कृषि के साथ जोडा जाता है। कृषि कार्यक्रम में रासायनिक कीटनाशक वर्जित है। अधिक से अधिक जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाता है। मिट्टी की गुणवत्ता व उत्पादकता को बढावा तथा जैविक कीट प्रबंधन पर जोर दिया जाता है। कार्य के प्रभाव क्षेत्र में गुणात्मक वृद्धि हेतु बाबा आमटे लोक सशक्तिकरण केन्द्र की स्थापना एक आदिवासी गांव में 10 वर्ष पूर्व की गई। इस केन्द्र ने पिछले दशक में एक ग्रामीण विकास विद्यालय का काम किया है जिसके फलस्वरूप आज इस तरह के कार्य देश के सबसे पिछडे इलाकों में 10 लाख एकड जमीन पर चल रहे हैं और हाल ही में लागू रोजगार गारण्टी कानून के सफल कार्यान्वयन में मदद कर रहे हैं।
प्रो० सी० पी० शर्मा, पूर्व विभागाध्यक्ष, एवं डीन विज्ञान संकाय, लखनऊ विश्विद्यालय ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि औषधीय एवं सगंध पौधों के शोध का क्षेत्र बडा विस्तृत क्षेत्र है तथा इन पौधों एवं इनके उत्पादों की घरेलू तथा अन्तर्राष्ट्रीय बाजार की काफी मांग है तथा वैज्ञानिक अपने शोध द्वारा ऐसी प्रौद्योगिकियों का विकास करे जो कि समाज के लिए लाभकारी हो।
प्रात: 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक सैकडों स्कूली बच्चों द्वारा संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया तथा संस्थान की विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों के बारे में वैज्ञानिकों से परिचर्चा की। राजस्थान से आये एक कृषक दल ने भी संस्थान आकर औषधीय पौधों की खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की।
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा० ए०एच०ए० फारूकी ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया और डा० अशोक कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
शाम को 5.00 बजे से 7.00 बजे तक सीमैप स्थित मानव उपवन में आम जनता द्वारा ज्ञान भ्रमण किया गया।
सीमैप( केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान ) लखनऊ ने आज अपने प्रांगण में सी0 एस0 आर0 आई0 स्थापना दिवस समारोह मनाया.
इस अवसर पर प्रोफेसर देवाशीष बनर्जी, (निदेशक, बाबा आमटे सेंटर फार पीपुल्स एम्पावरमेंट, बागली देवास, मध्य-प्रदेश) मुख्य अतिथि थे तथा समारोह की अध्यक्षता प्रो0 सी0 पी0 शर्मा (पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन-विज्ञान संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय) ने की. अपने स्वागत भाषण में डा0 यू0 सी0 लवानिया, ( वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीमैप) ने संस्थान की उपलब्धियों एवं भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला.
मुख्य अतिथि डा० देवाशीष बनर्जी, बाबा आम्टे सेन्टर फार पीपुल्स इम्पावरमेंट ने सी० एस० आई० आर० स्थापना दिवस व्याख्यान देते हुए बताया कि समाज प्रगति सहयोग के लगभग दो दशक के अनुभव के आधार पर यह कहा जा सकता है कि वॉटरशेड विकास खाद्य सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन का भरोसेमंद तरीका है। इसका प्रमाण समाज प्रगति सहयोग व उसकी 122 सहयोगी संस्थाओं का भारत के सबसे पिछडे 72 जिलों में किया गया कार्य है। इस समन्वित, परिस्थिति-अनुकूल प्रक्रिया में मिट्टी तथा जल संरक्षण के कार्यों को दीर्घकालीन कृषि के साथ जोडा जाता है। कृषि कार्यक्रम में रासायनिक कीटनाशक वर्जित है। अधिक से अधिक जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाता है। मिट्टी की गुणवत्ता व उत्पादकता को बढावा तथा जैविक कीट प्रबंधन पर जोर दिया जाता है। कार्य के प्रभाव क्षेत्र में गुणात्मक वृद्धि हेतु बाबा आमटे लोक सशक्तिकरण केन्द्र की स्थापना एक आदिवासी गांव में 10 वर्ष पूर्व की गई। इस केन्द्र ने पिछले दशक में एक ग्रामीण विकास विद्यालय का काम किया है जिसके फलस्वरूप आज इस तरह के कार्य देश के सबसे पिछडे इलाकों में 10 लाख एकड जमीन पर चल रहे हैं और हाल ही में लागू रोजगार गारण्टी कानून के सफल कार्यान्वयन में मदद कर रहे हैं।
प्रो० सी० पी० शर्मा, पूर्व विभागाध्यक्ष, एवं डीन विज्ञान संकाय, लखनऊ विश्विद्यालय ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि औषधीय एवं सगंध पौधों के शोध का क्षेत्र बडा विस्तृत क्षेत्र है तथा इन पौधों एवं इनके उत्पादों की घरेलू तथा अन्तर्राष्ट्रीय बाजार की काफी मांग है तथा वैज्ञानिक अपने शोध द्वारा ऐसी प्रौद्योगिकियों का विकास करे जो कि समाज के लिए लाभकारी हो।
प्रात: 11.00 बजे से दोपहर 1.00 बजे तक सैकडों स्कूली बच्चों द्वारा संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया तथा संस्थान की विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों के बारे में वैज्ञानिकों से परिचर्चा की। राजस्थान से आये एक कृषक दल ने भी संस्थान आकर औषधीय पौधों की खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की।
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा० ए०एच०ए० फारूकी ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया और डा० अशोक कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
शाम को 5.00 बजे से 7.00 बजे तक सीमैप स्थित मानव उपवन में आम जनता द्वारा ज्ञान भ्रमण किया गया।
6 टिप्पणियां:
जा तेरे स्वप्न बड़े हों।
भावना की गोद से उतर कर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें।
चाँद तारों सी अप्राप्य ऊचाँइयों के लिये
रूठना मचलना सीखें।
हँसें
मुस्कुराऐं
गाऐं।
हर दीये की रोशनी देखकर ललचायें
उँगली जलायें।
अपने पाँव पर खड़े हों।
जा तेरे स्वप्न बड़े हों।
रिपोर्टिंग के इस पहले क़दम के लिए ढेरों स्नेहाशीष.
कार्यक्रम में न जाने के बावजूद लगा जैसे मैं तो वहॉं मौजूद था।
अब तो कैमरा भी ले लिया, फिर पोस्ट में क्या दिक्कत है।
SBAI TSALIIM
KUCHH NAYA BHI DIKHAAYEN.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
Kuchh aur bhi dikhanye.
................
…ब्लॉग चर्चा में आप सादर आमंत्रित हैं।
Bahut sahi kaha aapne. Bahut hi acha article likha aapne.
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