मंगलवार, 23 सितंबर 2008

लखनऊ पुस्तक-मेला



प्रत्येक वर्ष की भांति लखनऊ शहर में लगने वाला पुस्तक-मेला, इस वर्ष भी १९ सितम्बर से २८ सितम्बर '०८ तक स्थानीय बलरामपुर-गार्डन में शोभायमान है. इस छठे पुस्तक मेले में देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित प्रकाशक, पाठक-वर्ग को लुभाने शहर पधारे हुए हुए हैं.मौसम की नज़ाकत से यदि आप डर रहे हैं, तो घबराइये नहीं! 'वाटर-प्रूफ़' पंडाल की व्यवस्था आयोजकों ने कर रखी है जनाब!हाँ! यदि आप कोई झोला या बैग ले जाने की सोच रहे हैं तो थोड़ी असुविधा हो सकती है, क्योंकि आपकी तलाशी ली जाएगी. सुरक्षा कारणों से ये उपयुक्त हीन मानेंगे आप!भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशन, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, प्रकाशन विभाग-(सूचना एवं प्रकाशन मंत्रालय भारत सरकार), दिल्ली प्रेस, विली इंडिया, हिन्दी माध्यम कार्यान्वयन निदेशालय-(भारत सरकार), वाणी प्रकाशन, 0 प्र0 हिन्दी संस्थान, 0 प्र0 उर्दू अकादमी जैसे नामी गिरामी प्रकाशक अपनी चुनिन्दा पुस्तकों को आपके लिए सजे बैठे हैं.एस0 बी0 आई0 का मोबाईल 0 टी0 एम0 वैन " कैश ऑन व्हील " पुस्तक-मेला के प्रवेश-द्वार पर आपकी सेवा में उपस्थित है, ताकि आपको कोई दिक़्कत हो

हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू तथा अन्य भाषाओं में साहित्य के अतिरिक्त आध्यात्म, योग, पाक-कला, राजनीति, प्रबंधन, ज्योतिष विज्ञान, बाल अभिरुचि आदि विषयों पर ढेरों पुस्तकें आकर्षक छपाई, सुरुचिपूर्ण पृष्ठ सज्जा तथा चमकीले आवरण से आपको लुभाएगी यहाँ.
भूख लगे या दोस्तों से गप्पें मारनी हों तो चाय-कॉफी और खाने पीने की विभिन्न वस्तुओं के स्टाल भी मेले में मौजूद हैं.मेले में हर रोज़ कुछ ख़ास कार्यक्रम भी रखे गए हैं, जैसे ग़ज़ल-गायन, कवि सम्मलेन तथा प्रत्येक दिन- "लेखक से मिलिए" जिसमें आप सम्मानित लेखकों से सीधे सवाल पूछ सकते हैं. २२/ के कार्यक्रम में श्री मुद्राराक्षस तथा श्री मती रजनी गुप्त ने श्रोताओं के जबाब दिए, वहीं आज बारी थी -- शायर के0 के0 सिंह मयंक, मिर्जा हसन नासिर तथा बाल साहित्यकार एवं प्रसिद्ध ब्लागर ज़ाकिर अली रजनीश के.पाठकों के सवाल के जबाब में श्री मयंक तथा मिर्जा साहब ने ग़ज़ल लेखन की बारीकियों पर प्रकाश डाला. वहीं श्री रजनीश ने एक प्रश्न के जबाब में डार्विन के सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा की जो बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अपने आप में परिवर्तन लाते हैं वही अपना अस्तित्व बनाए रखने में कामयाब होते हैं. उन्होंने आज के आधुनिक माध्यमों जैसे इंटरनेट तथा ब्लाग लेखन को आने वाले दिनों में सफल दर्शाया.शाम का कवि सम्मलेन काफी पसंद किया गया.प्रकाशन विभाग, भारत सरकार --१९८९ तक की पुस्तकों पर ५०% की छूट दे रहा है, वहीं आकाशवाणी के स्टाल नं0 ८८ पर संगीत की दुर्लभ सीडीज़ पर २०% की छूट है. अंग्रेज़ी उपन्यास के प्रेमी देव बुक्स के स्टाल नं0 ९४-९५ पर अवश्य जाएँ, क्योंकि वहाँ आयातित नामचीन अंग्रेज़ी उपन्यास २०-२० रु0 में आपको मिल सकती हैं.इसके अलावा और भी हैं यहाँ बहुत कुछ.यदि आप लखनऊ में हैं तो मेरी सलाह है की आप पूरे परिवार तथा ख़ास कर बच्चों को लेकर यहाँ ज़रूर आएँ, यक़ीन मानी बहुत मज़ा आएगा इस पुस्तक मेले में!

2 टिप्‍पणियां:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

बहुत खूब। लगे रहिये।
और हाँ, कमेंट बॉक्स से वर्ड वेरीफिकेशन हटा दें, इससे इरीटेशन होती है।

Meenu khare ने कहा…

सिर्फ रिपोर्टिंग ही की या किताब भी खरीदी ?